गुटबाजी और सपा-बसपा के प्रत्याशियों के बदलने से आगरा की तीन सीटों पर बीजेपी को खतरा

 गुटबाजी और सपा-बसपा के प्रत्याशियों के बदलने से आगरा की तीन सीटों पर बीजेपी को खतरा

Agra: Change of candidates at the last moment of SP-BSP threatens BJP in three seats of Agra

Agra – सपा-बसपा के ऐन वक्त पर प्रत्याशियों के बदलने और बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी के चलते आगरा की तीन सीटों एत्मादपुर, फतेहाबाद और बाह पर बीजेपी को उलझन में डाल दिया है.

आगरा की तीन सीटों एत्मादपुर, फतेहाबाद और बाह में बीजेपी को अपनी सीट बचाना इस बार बड़ा मुश्किल नजर आ रहा है, इसकी वजह है बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी और उमीदवारो के बने जातीय समीकरण.

एत्मादपुर में बने जातीय समीकरण से भाजपा को सीट बचाने में मुश्किल :

बसपा ने नामांकन से एक दिन पहले यहां सर्वेश बघेल की टिकट काटकर राकेश बघेल को दे दी तो यहां बसपा बहुत मजबूत स्थिति में आ गई है. बीजेपी प्रत्याशी डा. धर्मपाल सिंह और राकेश बघेल के बीच कांटे का मुकाबला है. सको देखते हुए बीजेपी को सीट बचाना बड़ा मुश्किल होने जा रहा है.

फतेहाबाद में बने जातीय समीकरण से भाजपा को सीट बचाने में मुश्किल:

फतेहाबाद सीट पर सपा ने ऐन वक्त पर राजेश शर्मा की जगह रूपाली दीक्षित को चुनाव में उतार दिया, कई दिग्गज ब्राह्मण नेता रूपाली दीक्षित के साथ हो गए हैं. फतेहाबाद सीट पर पर भाजपा प्रत्याशी छोटलाल वर्मा के विरोध में भाजपा के बागी विधायक जितेंद्र वर्मा ने भी मोर्चा खोल दिया है वह सपा मे शामिल हो गए है. इसको देखते हुए बीजेपी को सीट बचाना बड़ा मुश्किल होने जा रहा है.

बाह में बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी और जातीय समीकरण से सीट बचाने में मुश्किल:

बाह सीट पर भाजपा प्रत्याशी रानी पक्षालिका सिंह के लिए बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी और भाजपा के बागी विधायक जितेंद्र वर्मा का सपा मे शामिल होने से बड़ी मुश्किल खड़ी हो गयी है. बाह सीट पर बसपा से वर्मा प्रतियाशी होने से समीकरण बदल गए है. बाह सीट पर बीजेपी को सीट बचाना भी बड़ा मुश्किल होने जा रहा है.